क्या आप घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हो ? आप के क़ानूनी हक़ क्या है ? Are you a victim of domestic violence? What is your legal right?
क्या आप घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हो ? आप के क़ानूनी हक़ क्या है ? Are you a victim of domestic violence? What is your legal right? ====================================== हमारे देश में औरतो को आज भी नीचा समझा जाता है, जो औरत का दर्जा 100 साल पहले था, वो ही दर्जा आज है। जिस देश में आज भी औरत को नरक का द्वार कहा जाता है, चाहे कहने में औरत कितना क्यों न पड़-लिख ले फिर भी आदमी को बिहतर माना जाता है। यहां बेटे के होने पर डोल बजाए जाते है, अगर बेटी होती है तो मातम का माहौल छा जाता है। लड़की के जनम के बाद से ही उसको पराया समझा जाता है, उसके खाने-पीने, पहनने, खेलने-कूदने, पड़ने, सब चीजों पर अंकुश लगाया जाता है , मानो किसी चिडीया के उड़ने पर रोक लगा दी गयी हो, जैसे चिडीया को पकड़ के पिंजरे में बंद कर दिया हो। जब लड़की बड़ी होती है उसके बड़े अरमान होते है, बहुत सी एकांगक्षा होती है। जब उसकी शादी हो जाती है,उसके बाद तो जैसे एक नजरबन्द कैदी सलांखो के अन्दर होता है। अपनी ज़िंदगी भी उसको दुसरो के इशारो पे जीनी पड़ती है। उस के दर्द को कोई नहीं समझता, हर कोई अपनी बात कह कर चला जाता है। वह बेचारी बैठी...