RIGHT TO CONSTITUTIONAL REMEDIES ARTICLE 32 AND 226 दोस्तों सादर परनाम उम्मीद है आप सब कुशल मंगल होंगे। दोस्तों आप का बहुत बहुत धन्यवाद जो आप मेरे ब्लॉग पड़ते हो जिससे के मुझे और ब्लॉग लिखने की प्रेरना मिलती है। आप के कमैंट्स मुझे आप के स्नेह के बारे में बताते है। तो एक बार फिर आप सब का धन्यवाद। तो आज मैं नए टॉपिक के साथ फिर हाजर हूँ। तो शुरू करते है आज का टॉपिक। साथियो आप को पता है की हमारे देश के संविधान में हमे कई तरह के अधिकार दिए गए है। जब तक ये अधिकार सुरक्षित नहीं हो तब तक इन अधिकारों का कोई मूल्य नहीं। जैसे हम कोई जेवेल्लेरी खरीदते है तो सबसे पहले उसकी सुरक्षा के लिए सोचते हैं क्यों की ये बहुत ही कीमती होती है ज्वेलरी तो उसी तरह इन अधिकारों की सुरक्षा का प्रावधान हमारे संविधान मैं है, तो अगर ये अधीकार हमे नहीं मिलते तो को लेने के लिए क्या रेमेडी है और कोन कोन ये ले सकता है और कैसे ले सकता है आज हम इस पे चर्चा करेंगे। मौलिक अधिकारों की प्रोटेक्शन के लिए हमारे संविधान में चार जगा बात की गयी है आर्टिकल 13 , 32 ,359 ,226 . ...
My Name is Dinesh.I am advocate as profession.i am sharing awareness to the general public through free legal advice online now Ek Anokha Smaaj because its our duty to pay back to our society. its our duty to carry with the all society members, poor,rich,illiterate,literate,so i think its a very good platform which provide me opportunity to express awareness to general public with the help of this blog.